Sukh Bhav Ki Gatha
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Publisher: Esha Publication
Author: R.P. Birthare
Language: Hindi
ISBN-13: 9789382543640
Item Weight: 1 kg
Country of Origin: India
पुस्तक विवरण:
कुंडली के चौथे घर का महत्व इस पुस्तक में, लेखक R.P. Birthare ने भारतीय वैदिक ज्योतिष में कुंडली के चौथे घर के महत्व को विस्तार से बताया है। चौथा घर जिसे "मातृ भाव" और "सुख स्थान" भी कहा जाता है, जीवन में माता के योगदान, बचपन में मिले सहयोग, और घर-परिवार के माहौल को दर्शाता है। यह घर व्यक्ति की सुख-सुविधाओं, संपत्ति, और अन्य भौतिक लाभों से जुड़ा हुआ है।
लेखक के अनुसार, चौथा घर न केवल माता और परिवार के साथ संबंधों को दर्शाता है, बल्कि इसमें व्यक्ति के जीवन के सुख, घर के वातावरण, और वाहन सुख का भी पता चलता है। कुंडली में चौथे घर के अच्छे प्रभाव से व्यक्ति को जीवन में सुख, संपत्ति, और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, जैसे कि अच्छे घर, वाहन, और समाज में उच्च स्थान।
इसके विपरीत, चौथे घर पर बुरे ग्रहों का प्रभाव या कमजोर स्थिति व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधाओं की कमी का कारण बन सकती है, जिससे घर-परिवार के संबंधों और मानसिक शांति में समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिए उपयोगी है जो अपनी कुंडली के चौथे घर के प्रभाव को समझकर अपने जीवन की सुख-सुविधाओं को बेहतर बनाना चाहते हैं। यह ज्योतिषी और शास्त्र के छात्रों के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो चौथे घर और उसकी स्थितियों का अध्ययन करना चाहते हैं।

