Book Details
-
Author: चतुरानन मिश्रा
-
Edition: —
-
Cover: Paperback
-
ISBN: 8170071909
-
Multiple Book Set: No
About the Book
यह पुस्तक भारतीय वामपंथी आंदोलन की एक गहन और आत्मालोचनात्मक समीक्षा प्रस्तुत करती है। लेखक चतुरानन मिश्रा ने कम्युनिस्ट आंदोलन में अपने लंबे समय के अनुभवों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि भारतीय वामपंथी आंदोलन में कुछ मौलिक कमियाँ मौजूद हैं, जिनके कारण आंदोलन लगातार ठहराव की स्थिति में पहुँच गया है।
सोवियत संघ के विघटन के बाद वामपंथी विचारधारा और व्यवहार के सामने अनेक नए और बुनियादी सैद्धांतिक प्रश्न खड़े हो गए हैं। इस पुस्तक में ऐसे ही प्रश्नों पर विभिन्न लेखों के माध्यम से गंभीर चर्चा की गई है। लेखक वैचारिक स्पष्टता, रणनीति और संगठनात्मक दिशा जैसे मुद्दों पर पुनर्विचार की आवश्यकता पर बल देते हैं।
यह कृति वामपंथी राजनीति, विचारधारा और भारतीय सामाजिक आंदोलनों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। अनुभवजन्य विश्लेषण और स्पष्ट भाषा के कारण यह पुस्तक भारतीय वामपंथ के अतीत, वर्तमान और भविष्य पर सोचने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है।

