राज्य और क्रांति
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Book Details
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Author: व्ला. इ. लेनिन
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Edition: मार्च 2024
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Cover: Paperback
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ISBN: 9789395557467
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Multiple Book Set: No
About the Book
यह पुस्तक व्ला. इ. लेनिन के राज्य संबंधी विचारों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक राजनीति—दोनों दृष्टियों से गहराई से प्रस्तुत करती है। पहले संस्करण की भूमिका में ही लेखक स्पष्ट करते हैं कि राज्य का प्रश्न अपने समय में ही नहीं, बल्कि बदलती ऐतिहासिक परिस्थितियों में विशेष महत्व क्यों प्राप्त कर रहा है।
लेनिन बताते हैं कि साम्राज्यवादी युद्धों ने इजारेदारी पूँजीवाद के राजकीय–इजारेदारी पूँजीवाद में रूपांतरण की प्रक्रिया को असाधारण रूप से तेज और तीखा बना दिया है। राज्य अब पूँजीपतियों के सर्वशक्तिशाली संघों के साथ पहले से कहीं अधिक घनिष्ठ रूप से जुड़ता जा रहा है, जिससे सत्ता, अर्थव्यवस्था और राजनीति के आपसी संबंध और भी स्पष्ट हो जाते हैं।
पुस्तक में राज्य की वर्गीय प्रकृति, उसकी भूमिका और पूँजीवादी व्यवस्था में उसके कार्यकलापों का विश्लेषण किया गया है। यह कृति राजनीति, समाजशास्त्र, इतिहास और मार्क्सवादी विचारधारा में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह राज्य की वास्तविक भूमिका को समझने में वैचारिक स्पष्टता और ऐतिहासिक दृष्टि प्रदान करती है।

